Best Hindi Inspirational Story For Success

Meri Udaan is a Hindi inspirational story for success, by reading this Hindi inspirational short story; you can motivate yourself for doing something different in your life. Read this interesting Hindi motivational story for success’ with confidence and achieve your dream future at any rate.

आज मैं जो Hindi inspirational story for success बताने जा रहा हूँ; इस कहानी को पढ़ने के बाद आपके अंदर एक ऐसी ताकत और इच्छाशक्ति पैदा होगी जो लाख मुसीबतों के बाद भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी; मैं आशा करता हूँ कि आप इस Hindi inspirational story for success को मन लगाकर पढ़ेंगे और इसे अपने जीवन में उतारेंगे ताकि आप जीवन के हर मोड़ पर सफल हो सकें; तो चलिए बिना देर किए पढ़ना शुरू करते हैं…

मेरी उड़ान – Best Inspirational Story For Success

सालों बाद यह मेरी जिन्दगी की पहली रात है जब मुझे अपनी कहानी को कागज के पन्नों पर समेटने का मौका मिला है पर मैं यह तय नहीं कर पा रही हूँ कि शुरुआत कहाँ से करुँ ? चूंकि मेरी जिन्दगी का हर एक पल कहानी का एक हिस्सा है जिसे भूलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है ।

जो शहर और गाँव मुझे पहचानता नहीं था; उसी शहर और गाँव में मेरे नाम की चर्चा है । लोग मेरे सम्मान में अपना सर झुकाते हैं और अपने बच्चों को मेरे जैसा बनने की प्रेरणा देते हैं; सिर्फ इसलिए नहीं कि मेरे पास जरुरत से ज्यादा पैसा, आलिशान महल जैसा घर और मंहगी कारें हैं । वे मेरा सम्मान इसलिए करते हैं कि मैं जिस कामयाबी की ऊँचाई पर खड़ी हूँ; उस ऊँचाई तक आने की मेरी उड़ान आसान नहीं थी……Keep on reading Hindi inspirational story for success

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मैं ऐसी ही थी या मेरे घर की हालात ने मुझे ऐसा बना दिया था; मैं बचपन में जो कुछ देखती और सुनती थी मानो मेरे छोटे-से दिमाग में छप-सा जाता था । मुझे बचपन से लेकर अबतक की सारी बातें और घटनाएँ याद हैं – हर वह बात और घटना जो मेरे पापा मुझसे कहा करते थें और जो वे सहा करते थें ।

मेरे पापा मुझे बचपन में बड़े प्यार और दुलार से लीली कहकर बुलाया करते थें । वो मुझसे हमेशा कहते थे कि जब मैं दो साल की थी तो मुझे दूध पीना बिल्कुल पसंद नहीं था तो वे मेरे पीछे दूध का गिलास लेकर भागा करते थें और जब मैं पकड़ में आ जाती थी तो वे आसमान में चमकने वाले प्यारे से चाँद को मेरा मामा बनाकर बात-बात में मुझे दूध पीला ही देते थें……Keep on reading Hindi inspirational story for success

Change Your Life With Best Hindi Inspirational Story For Success – मेरी उड़ान

अगर आप इस Hindi inspirational story for success से कुछ सीखना चाहते हैं तो आप इस कहानी को मन लगाकर पूरा पढ़ें; बीच में ना छोड़ें वरना आप कहानी के मूल उद्देश्य तक नहीं पहूँच पाएंगे; तो चलिए आगे की लाईन पढ़ना जारी रखते हैं….

मैं अपने पापा के लिए एक छोटी-सी प्यारी-सी राजकुमारी थी; और क्यों नहीं मेरे पापा मुझे राजकुमारी की तरह रखते थें; वे मेरे लिए अच्छे कपड़े, स्लीपर और खाने के लिए अच्छा खाना का बंदोबस्त कर लेते थें – यह सब करना उनके लिए आसान नहीं था पर वे मेरी खुशी के लिए अपनी जरूरतों और इच्छाओं को मारकर यह सब किया करते थें ।

मैं उनकी इकलौती बिटिया थी इसलिए उनके लिए यह सब करना थोड़ा-सा आसान था पर ज्यादा समय तक नहीं क्योंकि मैं जब तीन साल की हुई तो मेरे घर में मेरी एक छोटी-सी बहन आ गयी जिसके आने की खुशी में मैं क्या पहनना – क्या खाना सब कुछ भूल गयी; मैं खुश थी कि मेरे साथ कोई खेलने के लिए आ गया; मैं कब तक पापा, मम्मी और बुआ के साथ खेलती ।

मेरी छोटी बहन मेरे लिए मेरी पूरी दुनिया थी; जब मैं उसके प्यारे और नाजुक गालों को छूती थी तो मुझे जो खुशी मिलती थी, वो खुशी मुझे कहीं नहीं मिली – ना अच्छा पहनने में और नहीं अच्छा खाने में ।

अब मेरे पापा की दो-दो राजकुमारियाँ थी और दोनों को राजकुमारियों की तरह रखना उनके लिए भारी पड़ रहा था पर मुझे अब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि क्या पहनने को है और क्या खाने को जो कुछ भी मिल जाता था; बड़े  प्यार से ले लेते थें ।

शायद पापा को इस बात का ऐहसास नहीं था कि उन्होंने मुझे दुनिया की सारी खुशी दे दिए थे; वह सारी खुशी थी – मेरी छोटी-सी प्यारी-सी बहन जिसे हम प्यार से छोटी कहकर बुलाया करते थें ।

मेरे पापा से जो बन पड़ता था वो हमारे लिए करते थें; सबसे बड़ी बात अब वो मुझे अच्छे सपने दिखना शुरु कर दिए थें – जब कभी भी मैं खेलने के बाद पापा की गोद में बैठती थी तो वे मुझे दुलारते हुए मम्मी से कहा करते थें कि मेरी बड़ी बिटिया आई.आई.टी करेगी और सुंदरपिचई के बाद भारत की पहली महिला गूगल सीओ बनेगी और रही बात छोटी की तो वो एम.बी.बी.एस करने के बाद एक बड़ा डॉक्टर बनकर गरीबों का इलाज़ करेगी ……Keep on reading Hindi inspirational story for success

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मुझे उम्मीद है कि यह छोटी सी Hindi inspirational story for success को पढ़ना अच्छा लग रहा होगा; यदि हाँ तो आप इस कहानी को पूरा करें ताकि आपको सब कुछ अच्छे से समझ में आ जाये; तो चलिए आगे की बची हुई लाईन को पढ़ना शुरू करते हैं…..

मेरे पापा के सपने पूरे होते इससे पहले मुझे और मेरी छोटी बहन को पढ़ना और बढ़ना था । मुझे आज भी याद है, स्कूल का वह पहला दिन जब मुझे चार साल की उम्र में घर से दूर अंजान लोगों के बीच में छोड़ दिया गया था ।

स्कूल का वह पहला दिन मेरी जिन्दगी के चार साल में सबसे बुरा दिन था । उस दिन स्कूल से बाहर आते ही मैंने पापा से कह दिया था कि मैं दुबारा यहाँ इस स्कूल में नहीं आऊँगी । मेरे पापा ने स्कूल के बाकी बच्चों की तरफ इशारा करते हुए मेरे छोटे-से मन को समझाते हुए कहा था कि तुम अकेली नहीं हो; अगर तुम स्कूल नहीं आओगी तो तुम मम्मी-पापा की अच्छी बच्ची नहीं कहलाओगी; अब तुम खुद सोचो कि तुम्हें स्कूल आना है कि नहीं ।

कुछ पल खामोश रहने के बाद मेरे छोटे-से मन ने निर्णय ले लिया था कि मुझे स्कूल आना है और एक अच्छी बच्ची बनना है ।मेरे पापा मुझे स्कूल जाने के लिए कभी डांटते नहीं थें; मेरा जब मन होता था तब मैं स्कूल जाती थी; नहीं तो घर पर ही अपनी छोटी बहन के साथ स्कूल-कोचिंग खेला करती थी ।

मेरी मम्मी पापा से बिल्कुल अलग थीं; उनका कहना था कि चाहे कुछ भी हो जाए मुझे हर दिन स्कूल जाना चाहिए; पर पापा का कहना था कि अगर बिटिया मन से महीने में चार दिन भी स्कूल चली जाए तो उसके लिए वही सबसे अच्छा है । मेरे स्कूल जाने और न जाने को लेकर अक्सर मेरे मम्मी-पापा के बीच में झगड़ा हो जाया करता था; पर मैं स्कूल तभी जाती थी जब मेरा मन करता था; नहीं तो घर पर ही दिन भर पढ़ा करती थी ।

मेरा घर पर पढ़ना पापा को समझ में आता था क्योंकि उन्हें पता था कि जिन्दगी में कुछ बनने की तैयारी ज्यादा से ज्यादा घर पर ही होती है ।मेरी छोटी बहन की किस्मत अच्छी थी क्योंकि जब वह स्कूल जाना शुरु की तो वह स्कूल में अकेली नहीं थी – मैं उसके साथ थी और एक माँ की तरह उसकी देखभाल करती थी; उसे जब भी कोई दिक्कत होती थी तो वह अपने क्लास से निकलकर मेरे क्लास के दरवाजे पर आकर खड़ी हो जाती थी और दीदी-दीदी कहकर मुझे अपने पास बुलाती और अपनी परेशानी सुनाती थी ।

मेरे पापा हमेशा इस बात का ध्यान रखा करते थें कि हमारे दिमाग में ऐसी कोई बात न जाए जो हमें जिन्दगी में आगे बढ़ने से रोक दे; क्योंकि यह सत्य है कि बचपन की सीखी हुई बातों से ही कामयाबी या नाकामयाबी की कहानी लिखी जाती है ।

हम जिस कमरे में रहते थें उस कमरे में पापा एक ह्वाईट बोर्ड लगा रखे थें जिस पर वे हर दिन जिन्दगी में सफल होने का विचार लिखा करते थें; उनके विचारों को अच्छे से समझने के लिए अभी हम बहुत छोटे थें; बहरहाल, पापा की आदत थी कि वे हर दिन एक विचार लिख दिया करते थें और हमें उसे याद करने के लिए कहते थें; शायद वे जानते थें कि उनके लिखे हुए विचार उनके दोनों बेटियों के लिए काम करेंगे तब-जब वे जिन्दगी के मोड़ पर हार का सामना करेंगी ।

मेरी छोटी बहन को पापा का लिखा एक विचार “ उठो, भागो और जीतो ” अच्छे से याद हो गया था और वह उसे दिन में कई बार बोलती थी; शायद उसे “ उठो और भागो ” का मतलब अच्छे से समझ में आता था पर “जीतो” का मतलब अच्छे से समझने के लिए उसे एक बार हार का सामना करना जरुरी था……Keep on reading Hindi inspirational story for success

Best Inspirational Story In Hindi – मेरी उड़ान

यह जरुरी नहीं है कि जिस तरह से हमारा बचपन गुजरा; उस तरह से हमारी जवानी भी गुजर जाये – बचपन सुहावने पलों और सपनों में गुजरा पर जवानी कठिनाइयों में गुजर रही थी । मैं और मेरी छोटी बहन इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करके घर पर बैठ गयी थीं इसलिए नहीं कि हमें पढ़ने का शौक नहीं था; इसलिए कि पापा के पास इतना पैसा नहीं था कि वो मुझे आईआईटी और मेरी बहन छोटी को एमबीबीएस करा सकें ।

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अब मेरे पापा हमसे बड़ी-बड़ी बातें करना और कमरे में लगे बोर्ड पर विचार लिखना भी बंद कर दिए थें; शायद उन्हें यह विश्वास हो गया था कि अब वो हमारे लिए कुछ नहीं कर पाएंगे – उनका मुझे आईआईटी और मेरी बहन को एमबीबीएस कराने का सपना टूट चुका था ।

पापा को शायद इस बात का ऐहसास नहीं था कि उन्होंने हमें बचपन से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने तक इतना कुछ सीखा दिया था कि हम बड़ी से बड़ी मुश्किलों के पार छलांग लगा सकते थें ।

एक रात मैं और मेरी छोटी बहन जिन्दगी में चल रही समस्याओं के बारे में सोचना बंद कर सोने की कोशिश कर रही थीं कि इस बीच हमारे मम्मी-पापा हमारे कमरे में आयें; मैं उन्हें देखते ही उठ कर बैठ गयी जबकि छोटी सोने का बहाना कर रही थी ।

“ बिटिया को नींद नहीं आ रही है ! ” पापा मेरे पास बैठते हुए बोलें और मम्मी ठीक मेरे बगल में बैठते हुए मेरे सर पर हांथ फेरा ।

“ बस सोने की कोशिश कर रही हूँ ! ” मैंने पापा को जवाब दिया और आगे कहा, “ पापा, आप हमसे कुछ कहना चाहते हैं ?”

“ हां, आज रात हम सब को मिलकर एक बड़ा निर्णय लेना है ।” पापा थोड़ा परेशान दिखते हुए बोलें, “ छोटी को भी जगा दो !”

मुझे छोटी को जगाना नहीं पड़ा; वह खुद उठ कर बैठ गयी जो अभी तक सोयी नहीं थी – सिर्फ सोने का बहाना कर रही थी ।

“ कहिए पापा ! ” छोटी बोली, “ आप क्या कहना चाहते हैं ?”

“हम चाहते हैं कि – ” पापा मम्मी की ओर देखते हुए बोलें, “ तुम दोनों बहनों की शादी हो जाये !”

“ शादी ! ” मैं अपनी बहन छोटी और मम्मी की तरफ हैरानी से देखते हुए बोली, “ यह क्या, मम्मी ? मुझे पापा से ऐसी उम्मीद नहीं थी ! ”

“ बेटी, अपने पापा को समझने की कोशिश करो ! ”

“ क्या समझने की कोशिश करुँ; पापा आपको – अगर शादी ही करनी थी तो फिर आपने हमारे दिमाग में बड़ी-बड़ी बातें और महान विचार क्यों भरा – आपने हमें बड़े-बड़े सपने क्यों दिखायें । ”

“ बेटी, तुम्हारे पापा के पास इतना पैसा नहीं है कि मैं तुम दोनों के सपने पूरा कर सकूँ ।”

“ फिर आप शादी के लिए पैसा कहाँ से लायेंगे ?”

“ तुम दोनों बहनों की शादी के लिए मैं पैसा बचाकर रखा हूँ ।”

“ अगर आपके पास पैसा है तो फिर आप हमें आगे क्यों नहीं पढ़ाते हैं – शादी के बारे में क्यों सोच रहे हैं ?”

“ बेटी, अगर सही समय पर तुम दोनों की शादी नहीं हुई तो लोग क्या कहेंगे ? ”

“ तो आपको अपनी बेटियों से ज्यादा लोगों की परवाह है –” मैं थोड़ा झुँझलाते हुए पापा से बोली, “ आप क्या थे और क्या हो गयें, पापा ! ”

“ ऐसी बात नहीं है, बेटी ! ”

“ फिर कैसी बात है, पापा !”

“ मैं तो तुम दोनों बहनों की खुशी चाहता हूँ ! ”

“ ऐसी खुशी किस काम की जिसमें से नाकामयाबी की बदबू आती हो ! ”

“ पर बेटी ! ”

“ पर क्या, पापा ? ”

“ बेटी, मैं तुम दोनों की शादी के लिए जितना पैसा बचाकर रखा हूँ – उस पैसे से तुम दोनों बहनों में से किसी एक का सपना पूरा हो सकता है ! ”

“ पापा, आप मेरी चिंता मत करिए ! ” मैं आत्मविश्वास के साथ बोली, “ आप छोटी को एमबीबीएस कराने की तैयारी करिए – मैं अपना रास्ता खुद बना लूँगी ! ”

“ दीदी, मैं भी आपकी तरह अपना रास्ता खुद बना लूँगी ! ” मेरी छोटी बहन बोली, “ दीदी, मैं आपके साथ चलना चाहती हूँ ! ”

“ नहीं, मेरी लाडो !” मैंने अपनी बहन के सर पर हांथ फेरते हुए कहा, “ तुम्हें ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं है – तुम अपना पूरा ध्यान डॉक्टर बनने पर लगाओ; बाकि मुझ पर छोड़ दो ! ”

“ बेटी, तुम्हारी बहन डॉक्टर तो बन जाएगी, ” पापा ने मुझसे कहा, “ पर तुम क्या करोगी ? ”

“ पापा, जो मैं करुँगी – वह आईआईटी करने से ज्यादा बड़ी होगी ! ” मैंने यह वाक्य पापा से पूरे आत्मविश्वास के साथ बोला……Keep on reading Hindi inspirational story for success

Meri Udaan – Hindi Motivational Story

मुझे नहीं लगता कि उस रात मेरे घर में कोई सोया होगा; सब अपने-अपने विचारों में उलझे हुए थें और खुद से खुद की लड़ाई में लगे हुए थें ।हमारे देश भारत में पढ़ाई-लिखाई हो या ना हो पर बेटियों का हांथ पीला करने का रिवाज है और यह रिवाज पहले नम्बर पर आता है ।

इस रिवाज के चलते ना जाने कितनी बेटियों ने अपने सपनों की आहूति दे दीं; पर मैं ऐसा नहीं करने वाली थी । मुझे और मेरी छोटी बहन को इस रिवाज से ऊपर उठना था और हम इसकी तैयारी में दिलो-दिमाग से जूट गयें ।

मेरी उड़ान – Best Hindi Inspirational Story For Success

मुझे अपनी छोटी बहन की चिंता नहीं थी क्योंकि उसकी पढ़ाई का जुगाड़ हो गया था; अब उसे एक बड़ा डॉक्टर बनने से कोई रोक नहीं सकता । मेरी लड़ाई कुछ हट कर थी – मुझे अपने दम पर कुछ ऐसा करना था जो आईआईटी करने से ज्यादा बड़ा हो; मैं दिन-रात इसी उधेड़बुन में लगी रहती थी कि मैं करुँ तो क्या करुँ ! मुझे परेशान और संघर्ष करते देखकर हर कोई मुझे यही समझाने में लग जाता था कि अगर मैंने शादी कर ली होती तो मैं संघर्ष करने से बच जाती – मेरी जिन्दगी संवर जाती; और यही नहीं – मैं किसी रानी की तरह बैठ कर खाती ।

मुझे लोगों की शादी वाली बात तब अच्छी लगती थी जब मैं बहुत ज्यादा परेशान हो जाती थी – मैं खुद को कोसती थी कि काश मैंने पापा की बात मान कर शादी कर ली होती तो आज मुझे यह सब न झेलना पड़ता;

पर दूसरे ही पल मेरे दिमाग में यह बात करेंट की तरह दौड़ पड़ती थी कि क्या लड़कियाँ इसी दिन के लिए धरती पर गिरती हैं कि शादी करके किसी और के घर-बार को अपना घर-बार समझें और अंत समय में कुछ करने की कोशिश में कुछ ना करके दुनिया छोड़ जाएँ – नहीं-नहीं-नहीं; मैं बिल्कुल ऐसा करने वाली नहीं – मैं अपनी कहानी खुद लिखूँगी; और अंत में मिट्टी से बनी हूँ, मिट्टी में मिल जाऊँगी……Keep on reading Hindi inspirational story for success

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मेरी छोटी बहन एमबीबीएस की तैयारी करने के लिए गाँव से शहर चली गयी; उसके जाने के बाद मैं घर पर अकेला महसूस करती थी – यह जिन्दगी में पहली बार हुआ था कि मैं उससे दूर थी । जिस दिन वह घर से गयी; उस दिन मैं उसे याद कर करके खुब रोई; और जब उसकी याद बहुत ज्यादा आती थी तो मैं उसे दिन और रात में कई बार फोन कर लिया करती थी ।

मेरी छोटी बहन जाते-जाते अपना लैपटॉप मेरे पास छोड़ गयी थी ताकि मैं घर पर बैठे-बैठे अपना समय काट सकूँ; शायद मेरी प्यारी बहन को यह एहसास नहीं था कि मेरे अंदर कुछ कर गुजरने की आग जल रही थी जो मुझे सुकून से बैठने नहीं दे रही थी ।मैं दिन रात इसी उधेड़बुन में लगी रहती थी कि मैं ऐसा क्या करुँ कि कामयाबी मेरे पैरों में आकर गिर जाये ।

मेरी उड़ान – Best Hindi Inspirational Story For Success

एक दिन मैं थक-हार कर कमरे में पड़ी हुई थी कि अचानक मेरे मन में यह विचार आया कि चलो इंटरनेट पर ही कुछ ढूँढ़ा जाए – शायद कुछ मेरे लायक मिल जाये।मैंने आलमारी में धूल फांक रहे लैपटॉप को चालू किया जिसे मैंने अबतक कभी छूआ भी नहीं था – पर मेरी छोटी बहन ने मुझे इसे इस्तेमाल करना अच्छे से बताया था जो आज मेरे काम आ रहा था ।

मैंने गूगल में जाकर सर्च किया कि बिना पैसे के बिजनेस कैसे शुरु करें – अब मेरे सामने ढेर सारे परिणाम थें । मैंने उन सारे परिणामों में से ‘ऑनलाईन बिजनेस’ को चुना और उससे संबंधित सारी जानकारी को अच्छे से समझना शुरु किया; और लगभग तीन साल के लगातार प्रयास के बाद मैं वेबसाइट बनाना और इंटरनेट मार्केटिंग के बारे में अच्छे से सीख गयी थी ।

मेरी छोटी बहन जब भी घर आती थी मेरा हौसला बढ़ाती थी कि मैं कुछ अलग और बड़ा करने जा रही हूँ; जबकि मेरे मम्मी-पापा मुझे देखकर अफसोस करते थें कि मेरे साथ कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा था; और क्यों नहीं वे मुझे तीन साल से एक ही रूम में खाना, पीना, बैठना और सोना करते हुए देख रहे थें ।

वे इस बात से बेखबर थें कि उनकी बिटिया कुछ बड़ा करने की कोशिश में लगी हुई थी । और अंत में एक लंबे इंतजार के बाद मैंने ऑनलाईन बिजनेस शुरु करने की पूरी तैयारी कर ली; मैंने ‘लीली जॉब एक्सप्रेस’ नाम से एक ऑनलाईन जॉब सर्च प्लेटफॉर्म बनाया और देखते-देखते मैंने इसे अपने डिजिटल मार्केटिंग अनुभव के दम पर एक बड़ा और लोकप्रिय जॉब सर्च प्लेटफॉर्म में तबदील कर दिया ।

यह सब होने के बाद भी मेरे अंदर कुछ बड़ा करने की आग जल रही थी – मैं अपने गांव और शहर के लिए कुछ करना चाहती थी; खासकर उन महिलाओं और लड़कियों के लिए जो बेकार घर में बैठी रहती थीं ।मैंने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए अपना जॉब सर्च प्लेटफॉर्म ‘लीली जॉब एक्सप्रेस’ को एक विदेशी ऑनलाईन मार्केटिंग कंपनी को दस मिलियन डॉलर में बेच दिया;

और मैंने उस पैसे से अपने शहर में एक बड़ी आचार फैक्ट्री शुरु की जिसमें गांव और शहर की औरतें और लड़कियाँ अपने अनुभव के आधार पर हांथ बटाना शुरु कीं; वहीं दुसरी तरफ मैंने आचार की बिक्री के लिए एक ई-कॉमर्स वेबसाइट ‘लीली फूड एक्सप्रेस’ बनाया जिसका मक़सद था – फैक्ट्री में बने आचार को पूरी दुनिया में बेचना ।

शुरुआत में हमें ढेर सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा पर लगातार प्रयास के बाद हमारा आचार का बिजनेस चल पड़ा –  आचार की पूरी दुनिया में ऑनलाईन सेलिंग बीस मिलियन डॉलर के पार चली गयी ।बिजनेस की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए हमनें ई-कॉमर्स वेबसाइट ‘लीली फूड एक्सप्रेस’ पर खाने से संबंधित हर तरह की चीज़ को बेचने का निर्णय लिया और हमारा यह निर्णय खरा उतरा – और हमारा यह ऑनलाईन बिजनेस दिन-दुगनी और रात-चौगुनी तरक्की की ।

मेरी और मेरी छोटी बहन का सपना पूरा हो चुका था – जहाँ एक तरफ मैं लोगों का पेट भर रही थी; वही दुसरी तरफ मेरी बहन लोगों की सेहत का ख्याल रख रही थी; उसका एमबीबीएस करने के बाद अपना खुद का फ्री हॉस्पिटल खोलने का सपना पूरा हो चुका था – पर मेरे पापा का सपना पूरा नहीं हो पाया मतलब मैं गूगल की पहली भारती महिला सीओ नहीं बन पायी; बल्कि मैं अपनी खुद की कंपनी का सीओ बन गयी – कुल मिलाकर हम दोनों बहनें कामयाब हो चुके थीं ।

मैं जिस देश में रहती हूँ; यहाँ कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए कोई अच्छा जॉब नहीं होता – लेकिन हाँ व्यापार करने की संभावना भरी पड़ी है; बस आप यह तय कर पाएँ कि आपको करना क्या है – फिर सारी दुनिया आपकी मुट्ठी में !

By reading this ‘ Hindi inspirational story for success, how did you feel; share with your friends, Thank you so much for reading this ‘Meri Udaan’ Hind motivational story.

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