Inspirational Story In Hindi For Students

Read This inspirational story in Hindi for students; after reading this inspirational short story in Hindi, you can feel yourself so energetic to do anything with confidence. This inspirational story in Hindi helps all those youths who think that they can not achieve their goal in life, it motivates you internally so that you may do some thing different in your life. So let’s start reading this interesting inspirational story in Hindi which has been written only for you..

मैं कभी हार नहीं सकती – Read This Best Inspirational Story In Hindi

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Best Inspirational Story In Hindi – मैं कभी हार नहीं सकती

यह कहानी मधुबन गाँव में रहने वाली उस सुमन की है जिसकी उम्र मात्र बारह साल थी; वह कभी स्कूल नहीं गयी; फिर भी वह कुछ ऐसा करने का सपना देखती थी जिससे वह पूरी दुनिया में मशहूर हो जाये ।

सुमन के गाँव वाले हमेशा उसे पगली कहते थे क्योंकि वह कभी स्कूल नहीं गयी फिर भी वह जिन्दगी में कुछ बड़ा करने का सपना देखती थी । गाँव वाले सुमन के पिता जी पर इस बात को लेकर दबाव बनाते थे कि सुमन पढ़ी-लिखी नहीं है, इसलिए जल्द से जल्द इसकी शादी कर दो वरना आगे चलकर बहुत मुश्किल होगी ।

सुमन के पिता जी गाँव वालों की बात से पूरी तरह सहमत थे पर सुमन सहमत नहीं थी; उसे तो शादी नहीं बल्कि पूरी दुनिया में नाम कमाना था; कुछ ऐसा करना था जिससे उस पर लोगों को बेटी होने पर गर्व होता । सुमन के लिए यह सब कुछ करना आसान नहीं था ।

गाँव वाले इस बात से बेखबर थे कि वाकई सुमन करना क्या चाहती थी । वह किसी को इस बारे में नहीं बताई थी कि वह एक अच्छी चित्रकार है, उसे बचपन से चित्र बनाना अच्छा लगता था; शायद यही वह वजह थी कि उसका मन पढ़ने में नहीं लगता था और इस वजह से वह कभी स्कूल ही नहीं गयी ।

उसके पिता जी को उसका चित्र बनाना अच्छा नहीं लगता था । उन्होने कई बार सुमन के बनाए गए चित्र को आग के हवाले कर दिया था, फिर भी सुमन हार नहीं मानी, वह चित्रकारी करती गयी और करती गयी । जब सुमन नहीं मानी तो उसके पिता जी ने उसे उसके हाल पर छोड़ दिया था ।

एक दिन सुमन अपने कमरे में चित्र बनाने में इतना खोई हुई थी कि उसके पिता जी उसके पास जाकर खड़े हो गयें, उसे बिल्कुल ऐहसास नहीं हुआ ।

“ तो सुमन तुम नहीं मानोगी !” सुमन के पिता जी ने कहा, “ यह बेवकूफी वाला काम तुम्हारे किसी काम नहीं आने वाला है ।“

“ पापा, आप मुझे हमेशा नीचे क्यों गिराना चाहते हैं !” सुमन दुखी मन से बोली, “ मैं जिन्दगी में कुछ करना चाहती हूँ, आप मुझे बार-बार क्यों रोकते हैं ?”

“ अगर हमें इस गाँव में रहना है तो तुम्हें वही करना होगा जो गाँव वाले चाहते हैं ।“

“ कभी नहीं ! मैं जो चाहती हूँ, वही करुँगी चाहे जो हो जाए !” सुमन दृढ़ संकल्प से बोली, “ मुझे हराना किसी के लिए इतना आसान नहीं है ।”

“ तुम यह नहीं चाहती ना कि मैं तुम्हारे सारे सपनों को जलाकर राख कर दूँ !”

“ पापा, इंसान में इतनी ताकत कहाँ कि वह भगवान के दिए गए हुनर को जलाकर राख कर दे !” सुमन ने कहा, “ आपने मेरे बनाए गए चित्रों को जलाया है, मेरी हुनर को नहीं !”

“ गाँव वाले ठीक कहते हैं कि तुम्हारी लड़की पागल हो गयी है !” सुमन के पिता जी ने सख्त लहजे में कहा, “ उसे इलाज़ की जरुरत है !”

“ पापा, आपको पता होना चाहिए कि दुनिया में जो भी बड़े काम हुए हैं, पागलों ने ही किए है और करते रहेंगे ।“ सुमन बोली, “ मैं भी उन्हीं पागलों में से एक हूँ ।“

“ मुझे लगता है, तुम्हें समझाना बेकार है !” सुमन के पिता जी ने कहा और तुनकते हुए कमरे से बाहर चले गयें ।

इस “Inspirational story in Hindi for students – मैं कभी हार नहीं सकती” को पूरा पढ़ें और जानें कि किस तरह से सुमन ने अपनी जिंदगी बदली; कैसे उसने अपनी असफलता को सफलता में बदला.

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चलिए अब हम इस Inspirational story in Hindi का अगली लाईन पढ़ना शुरू करते हैं.

सुमन के लिए किसी को समझाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था अगर वह अपने पिता को समझा नहीं सकती तो वह दुनिया में किसी को भी नहीं समझा सकती । वह घर छोड़कर कर गाँव से दूर चली जाना चाहती पर वह इस डर से गाँव नहीं छोड़ना चाहती थी कि गाँव वाले उसके पिता जी का यह कह कर जीना मुश्किल कर देंगे कि उनकी लड़की किसी के साथ भाग गयी ।

गाँव वाले तो बस कहने का मौका ढूँढ़ते रहते हैं । सुमन को जो भी करना था गाँव में ही रह कर करना था । वह गाँव वालों को सफल होकर दिखाना चाहती थी ताकि वे भी अपनी बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दें और उनकी बेटियाँ अपने पैरों पर खड़ी हो सकें ।

एक दिन सुमन के मन यह विचार आया कि वह गाँव में अपने बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी लगाएगीऔर पास के दस गाँवों में प्रचार-प्रसार के लिए जाएगी । वह इस बारे में बात करने के लिए अपने पिता जी के पास गयी; शायद उसे इस काम में किसी की मदद की आवश्यकता थी ।

“ पापा, मैं आपसे कुछ कहना चाहती हूँ !” सुमन ने अपने पिता जी से कहा, “ शायद आपको अच्छा लगेगा कि नहीं !”

“ बोलो, क्या कहना चाहती हो ?”

“ मैं गाँव में अपने बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी लगाने जा रही हूँ !” सुमन ने कहा, “ इस प्रदर्शनी में लोगों को मेरे हुनर के बारे में पता लगेगा तो वो हमें कुछ नहीं कहेंगे बल्कि मुझपर गर्व महसूस करेंगे !”

“ गर्व और तुम पर ?” सुमन के पिता जी ने गंभीरता से कहा, “ यह कभी नहीं हो सकता शर्त लगा लो ।“

“ किस बात की शर्त ?” “ यही कि अगर गाँव वालों को तुम पर गर्व नहीं हुआ तो-”

“ तो क्या पिता जी ?”

“ तुम चित्रकारी छोड़ शादी करके यहाँ से चली जाओगी ।” सुमन के पिता जी ने कहा, “ मंजूर है तुम्हें यह शर्त ?”

“ मंजूर है पर –” सुमन बोली, “ आपको मेरी प्रदर्शनी का प्रचार-प्रसार पास के दस गाँवों में करना है ।”

“ हाँ, मैं तैयार हूँ !”

“ तो मैं भी तैयार हूँ !” सुमन ने कहा, “ देखना है किसकी जीत होती है और किसकी हार !”

सुमन और उसके पिता जी प्रदर्शनी की तैयारी में जी जान से जूट गये । सुमन के पिता जी अपने खास दोस्तों के साथ पास के दस गाँवों में प्रदर्शनी के प्रचार-प्रसार के लिए गए और उन्होने घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार किया ।सुमन खुश थी कि उसकी प्रदर्शनी देखने के लिए दस गाँवों से लोग आने वाले थे; तैयारी भी अच्छी खासी हुई थी और यही नहीं तीन दिन चलने वाले इस प्रदर्शनी को देखने आने वालों में काफी खुशी दिख रही थी ।

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मैं आशा करता हूँ कि आपको यह Inspirational story in Hindi को पढ़ना अच्छा लगता रहा होगा; यदि आप यह जानना चाहते हैं कि सुमन की कला प्रदर्शनी सफल हुआ या असफल तो आगे की लाईन पढ़ना जारी रखें.

मैं कभी हार नहीं सकती – Read Best Inspirational Story In Hindi

प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए शहर से जिला अधिकारी को बुलाया गया था । जिला अधिकारी ने गाँव वालों के सामने सुमन को यह कह कर शाबाशी दी कि भगवान करें ऐसी लड़की हर माँ-बाप को दें जिससे गाँव ही नहीं बल्कि पूरा देश रोशन होता है ।

प्रदर्शनी शुरु हो गयी, दस गाँवों से प्रदर्शनी देखने आने लोगों का मेला लग गया । जो भी प्रदर्शनी में लगे सुमन के हाथों से बनाए गए चित्रों को देखता था, दाँतों तले अंगुली दबा लेता था । सुमन ने गाँव के जीवन को बेहतरीन तरीके से कैनवस पर उतार दिया था ।

सुमन के हर चित्र में पिता का दुलार और माँ का प्यार झलकता था जो सबको मंत्रमुग्ध कर लेती थी । प्रदर्शनी देखने आने वालों में सुमन के गाँव से बहुत कम लोग आए हुए थे जबकि दूसरे गाँवों से आने वालों की भीड़ लगी हुई थी । दूसरे गाँवों से प्रदर्शनी देखने आने वाले लोगों ने सुमन को सम्मान के साथ-साथ प्रस्तावना राशि भी दिये जिसकी मदद से उसने दूर-दराज के गाँवों में प्रदर्शनी लगाने का फैसला किया ।

“ पापा, बताइए कौन जीता और-“ सुमन ने प्रदर्शनी खत्म होने के बाद अपने पिता से कहा, “ कौन हारा !”

“ तुम जीत गयी बेटी !” सुमन के पिता जी ने कहा, “ मुझे नहीं पता था कि तुम्हें अपने काम से इतना सम्मान और पैसा मिलेगा । तुमने तो हमारा सर गर्व से ऊँचा कर दिया, भगवान ऐसी बेटी हर घर में दें ।”

“ पापा, आपने देखा-“ सुमन गंभीरता से बोली, “ अपने गाँव से बहुत कम लोग आए थे ; जानते हैं क्यों ?”

“ क्यों बेटी ?”

“ क्योंकि वे हमारी तरक्की नहीं देखना चाहते हैं !”

“ बेटी, मै भी तुम्हारा दोषी हूँ !” सुमन के पिता जी ने अपराधबोध की भावना से कहा, “ मैंने तुम्हें बहुत परेशान किया, मैने तुम्हारे बनाए गए चित्रों को जलाया जो मुझे नहीं करना चाहिए था !”

“ पापा, अगर आप मेरे साथ प्यार से पेश आते तो शायद आज मैं जहाँ हूँ , वहाँ नहीं होती ।“ सुमन ने कहा, “ पापा, आपकी हर बात से मुझे और अधिक प्रयास करने की ताकत मिलती थी ।“

सुमन पिता जी का साथ पाकर बहुत खुश थी और क्यों नहीं अब वह और ज्यादा प्रयास करके और ज्यादा ऊपर जाएगी । वह अपने कला को और ज्यादा निखारने का प्रयास करती रही और साथ ही दूर दराज के गाँवों में प्रदर्शनी भी लगाती रही ।

एक दिन भगवान ने सुमन के साथ जो किया, वह किसी के साथ न करे ;एक हादसे ने सुमन का सबकुछ बर्बाद कर दिया । उसके दोनों हाँथ चले गए, उसके सारे सपने टूट कर बिखर गए ; वह निराश जिन्दगी से हारी हुई चुपचाप घर के आंगन में बैठी रहती थी । उसके पिता जी का रो-रो कर बुरा हाल था ।

उनसे अपनी बेटी का दुख नहीं देखा जा रहा था; शायद इसलिए वे उसके सामने बहुत कम आते थे । सुमन खुद को समझाने की पूरी कोशिश करती थी कि उसकी कहानी इतनी आसानी खत्म नहीं होने वाली । अब उसकी लड़ाई ना पापा से है और नहीं गाँव वालों से अब उसकी जंग किस्मत से है ! अब चाहे जो हो जाए, वह किस्मत को हराकर मानेगी; दुनिया में नाम कमा कर मानेगी ।

सुमन एक बार फिर नए सिरे से शुरुआत कर दी, इस बार वह हाँथ से नहीं बल्कि पैर से चित्र बनाने की कोशिश कर रही थी जिसे देखकर उसके पिता का दिल पसीज गया ।

“ बिटिया, यह क्या कर रही हो ?” सुमन के पिता जी ने कहा, “ अब तो मान जाओ !”

“ पापा, मैं कभी हार नहीं सकती !” सुमन बोली, “ मेरी कहानी इस तरह से खत्म नहीं हो सकती ।“

“ क्या तुम्हें लगता है कि तुम इस तरह से अपने सपने को पूरा कर लोगी ?”

“ पापा, अगर इरादे पक्के हों तो काई भी काम इस दुनिया में मुश्किल नहीं है !” सुमन ने कहा, “ मेरे से ज्यादा लोग हादसे झेलते हैं फिर भी कामयाब होते हैं !”

“ बेटी प्रयास करो ! मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ ।“ सुमन के पिता जी ने कहा । “ तुम्हारे प्रयास से तुम्हारी बद किस्मत भी हार जाएगी ।”

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चलिए इस Inspirational story in Hindi को अच्छे से समझने के लिए नीचे दिए गए अंतिम कुछ लाईनों को पढ़ना शुरू करते हैं.

और इस तरह से कई सालों के मेहनत के बाद एक बार फिर सुमन की जिन्दगी अपने ट्रैक पर वापस लौट आयी । उसके टूटे हुए सपने एक-एक कर जुड़ने लगे थे; वह गाँव से लेकर शहर तक अपनी चित्रकारी के लिए मशहूर होने लगी थी । जो गाँव वाले सुमन की तरक्की से जलते थे; हादसे के बाद के बाद से उसके लिए दुआ करने लगे थे ।

भगवान भी उसके प्रयास के सामने हार गये; वो सुमन को वह देने के लिए मजबूर हो गए जिसकी वह हकदार थी – पूरी दुनिया में नाम कमाने का मौका ।

“ एक दिन था –” सुमन ने खुद से कहा, “ लोग मेरे खिलाफ थे, यहाँ तक कि मेरे पिता जी भी नहीं चाहते के कि मैं अपना नाम बनाऊँ; मेरी पहली प्रदर्शनी ने मेरे पिता जी की आँखें खोल दी कि उनकी बिटिया भी कुछ कर सकती है ! बहरहाल, एक हादसे ने मेरा सबकुछ बर्बाद कर दिया;

मेरे दोनों हाँथ चले गए; मैं टूट चुकी थी, मुझे नहीं लगा था कि अब मैं कुछ कर पाऊँगी पर मुझमें कहीं न कहीं वह चिंगारी थी जो मुझे एक बार फिर आग बनने का मौका दिया ; मानें नए सिरे से प्रयास शुरु की और देखते-देखते सबकुछ मेरे लिए एक बार फिर आसान हो गया; और मैं पूरी दुनिया में नाम बनाने के लिए आगे बढ़ी !” 

हादसों में आदमी मरता है, पर उसके जज्बात जिन्दा रहते हैं,एक प्रयास से सबकुछ बर्बाद होने से बच जाता है । आदमी तबतक खत्म नहीं होता जबतक उसके हौसलों में जान होती है,यही वे हौसले हैं जिससे सपनों को पहचान मिलती है ।

मैं आशा करता हूँ कि आपको यह Inspirational story in Hindi को पढ़ना अच्छा लगा होगा; और यही नहीं इस Inspirational story – मैं कभी हार नहीं सकती” से आपको आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा मिली होगी; यदि हाँ तो आप इस कहानी को अपने Social Media पर शेयर करें.

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