Mustafa PC Success Story In Hindi

इस Motivational post के माध्यम से जो Success story in Hindi for student बताने जा रहा हूँ; यह बहुत ही प्रेरक और उत्साहवर्धक कहानी है. इस Motivational story को पढ़ने के बाद आपको इस बात पर पूरा भरोसा हो जाएगा कि बहाने बनाने और किस्मत को कोसने से न तो आपका भला होगा और नहीं इस धरती पर रहने वाले किसी और का;

अक्सर लोग खुद से इस तरह शिकायत करते रहते हैं कि मेरी शिक्षा अच्छी नहीं हुई इसलिए मैं सफल नहीं हो सका; काश मेरेे पास संसाधन होते तो मैं सफल हो जाता; काश मेरी किस्मत अच्छी होती; काश अगर मेरे पास पैसा होता तो मैं हांथ पे हांथ धरे बैठा न रहता; मैं भी सफल हो जाता; इस तरह की शिकायत करके लोग जाने अंजाने में खुद के मन को चोट पहूँचाते रहते हैं.

mustafa pc success story in hindi for student
Mustafa PC Success Story In Hindi

शायद आपको नहीं पता कि इन सब बातों से सिर्फ आपका नुकसान होता है; भला नहीं; इन सब बातों की वजह से आप वह नहीं सोच पाते जिसके सोचने भर से आप में कुछ कर गुजरने की हिम्मत आ जाती है; और यही नहीं आप जिस भी काम में हांथ डालते हैं; उसमें सफल हो जाते हैं.

इस Success story in Hindi पोस्ट के माध्यम से आप जानेंगे कि कोई कैसे दस रुपए की दिहाड़ी पर काम करने वाला 730 करोड़ की कंपनी खड़ा कर सकता है; चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और इस कहानी को मन लगाकर पढ़ते हैं ताकि हमें यह समझ में आ सकेे कि दस रुपए की दिहाड़ी पर काम करने वाला आदमी 730 करोड़ की कंपनी बनाने का सफ़र कैसा रहा.

Mustafa PC Success Story In Hindi – 10 रुपए से 730 करोड़ का अनोखा सफर

यह कहानी मुस्तफा पीसी के जीवन संघर्ष पर आधारित है; उनके लिए सफल होना आसान नहीं था क्योंकि उनका जन्म केरल के एक छोटे गाँव ‘सुदूर’ में हुआ था; उनके पिता दिहाड़ी पर मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे; वो कभी नहीं चाहते थे कि जो काम वो करते हैं, वही काम उनका बेटा करे.

वो चाहते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर कोई अच्छी सी नौकरी करे पर शायद उन्हें नहीं पता था कि किस्मत के आगे कहाँ किसी की चलती है; उनका बेटा मुस्तफा छठवीं कक्षा में फेल होने के बाद स्कूल छोड़कर उनके साथ 10 रुपए की दिहाड़ी पर काम करने लगा.

कुछ दिन इसी तरह से चलता रहा फिर एक दिन मुस्तफा के स्कूल के अध्यापक उसके पास आयें और उसे दूबारा स्कूल आने के लिए कहा; हालांकि मुस्तफा पी सी का मन छठवीं कक्षा में फेल होने से टूट गया था; फिर भी पिता और अध्यापक के समझाने की वजह से दूबारा स्कूल जाना शुरू कर दिये.

चलिए इस Success story in Hindi पोस्ट में हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि क्या मुस्तफा के लिए आगे की पढ़ाई करना आसान था या मुस्किल? मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस बार मुुुस्तफा की पढ़ाई नहीं रुकी; उनके चहेते अध्यापकों ने उनकी मदद की और उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी; और यही नहीं उन्होंने ने गणित में अपनी कक्षा में टॉप किया और स्कूल का टॉपर बन गया जिसकी वजह से आगे की पढ़ाई करने का रास्ता साफ हो गया.

जब कॉलेज जाने का समय आया तो उन्हीं के अध्यापक ने उनकी फिस का भुगतान किया और इस तरह से उनकी शिक्षा-दिक्षा हुयी; पढ़ाई करने के बाद जब मुस्तफा पी सी को नौकरी मिली और पहला वेतन (14000) पाया और पिता जी को दे दिया; वेतन लेते समय उनके पिता जी की आखें भर आयीं – उन्हें जो पैसा मिला था वह उनके जीवन भर की कमाई जितना था.

मुस्तफा पी सी ने अपनी मेहनत के दम पर अपनी किस्मत बदली; वरना छठवीं कक्षा में फेल होने के बाद उन्हें भी अपने पिता की तरह जीवन भर दिहाड़ी पर काम करना होता और जो मिलता उसी में गुजारा करना होता; लेकिन नहीं मुस्तफा की मेहनत रंग लायी; उन्हें विदेश में नौकरी मिली जिसके बाद उन्होंने अपने पिता के 2 लाख के कर्ज को महज दो महीने में उतार दिया.

Read This Motivational Kahani In Hindi For Success – मुस्तफा पीसी का सफर यहीं पर खत्म नहीं हुआ

अब हम इस Success story in Hindi पोस्ट में जानेंगे मुस्तफा पी सी के बिजनेस सफर के बारे में – मुझे यह बताते हुए अपार खुशी हो रही है कि अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी होने के बावजूद वे अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते थे.

हालांकि उन्हें यह पता नहीं था कि किस तरह का बिजनेस शुरू करें; फिर भी वे बिजनेस शुरू करने के उधेड़बुन में लगे रहते थे; एक दिन वे घर आए हुए थे कि इसी बीच उन्होंने ने अपने चचेरे भाई को एक फूड सप्लायर को एक सादे पाऊच में इडली-डोसा बैटर बेचते हुए देखा; यह देखने के बाद उनके मन में यह विचार घर कर लिया कि उन्हें खाने के कारोबार से जुड़कर ही कुछ करना है.

मुस्तफा पी सी के चचेरे भाई ने उन्हें गुणवत्ता वाली बैटर कंपनी बनाने के आइडिया के साथ बलाया; और इस तरह से खाने के कारोबार से जुड़कर मुस्तफा पी सी ने ID Fresh Food नामक कंपनी खड़ी की और देखते-देखते यह देश की सफल कंपनियों में से एक हो गयी जिसका टर्न वोवर 730 करोड़ का है.

मैं आपको बताना चाहूंगा कि मुस्तफा पी सी ने इस कंपनी की शुरुआत 50000 रुपए से की थी; और यही नहीं इस कंपनी की शुरुआत 50 वर्ग फुट की रसोई में ग्राइंडर, मिक्सर और एक वजनी मशीन के साथ शुरुआत की; अक्सर लोग बड़ी शुरुआत का सपना देखते हैं और देखते ही रहते हैं; अगर आपको बिजनेस में सफल होना है तो एक छोटी शुरुआत मतलब जो मिल जाए उसी से शुरू कर दें; और न होने की शिकायत न करें.

मैं आपको इस Mustafa PC Success story in Hindi पोस्ट में आगे बताने वाला हूँ कि मुस्तफा पी सी को एक दिन में 100 पैकेट बेचने के लिए लगभग 9 महीने लग गए; यह सत्य है कि अगर आपकी शुरुआत सही है तो इंतज़ार का फल बहुत मिठा होता है; जो मुस्तफा पी सी को मिला और आपको भी मिल सकता है.

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आठ साल तक संघर्ष करने के बाद निवेशकों के मिलने से कंपनी की किस्मत रातों-रात बदल गयी; इस कहानी का अंत मैं इस बात से करता हूँ कि किस्मत उन्हीं की बदलती है जो मेहनत करते हैं और इंतज़ार करते हैं.

अगर आप सही दिशा में मेहनत कर रहे हैं तो आज नहीं तो कल आपकी मेहनत रंग लाएगी; अगर कुछ करने से किस्मत नहीं बदल रही है तो कुछ न करने पर किस्मत कैसे बदल जाएगी; इसलिए आप अपना काम करिए और किस्मत को अपना काम करने दीजिये – जो होगा अच्छा होगा क्योंकि जो होता है अच्छे के लिए होता है.

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