शेयर मार्केट का गणित कैसे काम करता है

आज आप इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे कि शेयर मार्केट क्या है और शेयर मार्केट का गणित कैसे काम करता है ? अगर आप यह समझ लेते हैं; तो आपके लिए शेयर मार्केट हलवा हो जाएगा.

शेयर मार्केट का गणित कैसे काम करता है
शेयर मार्केट का गणित कैसे काम करता है

यदि आप यह सोच रखते हैं कि आप कहीं और से नहीं; सिर्फ शेयर मार्केट से पैसा बनाएंगे; अगर यह बात आप अपने अनुभव के आधार पर कर रहे हैं; तो यह अच्छी बात है; क्योंकि यह सच है कि जिस फील्ड से आप पैसा कमाना चाहते हैं;

यदि उस फील्ड से जुड़ी छोटी-बड़ी बातों की जानकारी आपके पास है; तो आप उस फील्ड में आने वाली परेशानियों से सहजता से बाहर निकल जाते हैं.

वहीं दूसरी तरफ बिना अच्छी जानकारी के आप अपना सब कुछ गंवा देते हैं; आज मैं यह पोस्ट सिर्फ इसलिए लिख रहा हूं ताकि मैं अपने शेयर मार्केट के अनुभव को आपके साथ साझा कर सकूँ;

मैं आपको विश्वास दिलाना चाहूंगा कि शेयर मार्केट इंवेस्टमेंट करने का एक अच्छा विकल्प है; जिसे हमें अपने जीवन में एक मौका जरूर देना चाहिए; पर अच्छी जानकारी लेने के बाद.

तो चलिए आपके कीमती समय को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ते हैं; और बारीकी से समझते हैं कि शेयर मार्केट क्या है और शेयर मार्केट का गणित कैसे काम करता है;

शेयर मार्केट क्या है और शेयर मार्केट का गणित कैसे काम करता है

शेयर मार्केट का गणित समझने से पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि शेयर मार्केट क्या है – शेयर मार्केट एक ऐसा मार्केट है; जहां आप अलग-अलग कंपनियों के शेयर खरीद और बेच सकते हैं; और खुशी की बात यह है कि यह सब कुछ आज के समय में घर बैठे इंटरनेट के जरिए कर सकते हैं;

इसके लिए आपको कहीं और जाने की जरूरत नहीं है; आज के दौर में शेयर मार्केट से जुड़ने के लिए एक से बढ़कर एक ऐप है जैसे –

  • Angel One
  • Upstox
  • Motilal Oswal
  • NID App

आदि ऐसे भरोसेमंद Apps मौजूद हैं जिनके जरिए आप शेयर मार्केट में किसी भी कंपनी के शेयर में हिस्सेदारी खरीद सकते हैं; और अपने शेयर मार्केट के अनुभव के आधार पर मुनाफा कमा सकते हैं.

मानलीजिए आपने किसी एक कंपनी का एक शेयर ₹100 में खरीदा और वह शेयर 1 दिन 1 महीने या 1 साल में 100 से ₹200 या उससे ज्यादा हो गया; मतलब आपको हर एक शेयर पर ₹200 या उससे ज्यादा का मुनाफा हो जाता है;

लेकिन यह सब कुछ इतना आसान नहीं होता; इसके लिए आपको गहनता से शेयर मार्केट के गणित को समझना पड़ता है कि यह काम कैसे करता है; यदि आप अच्छी तरह से शेयर मार्केट का गणित समझ जाते हैं; तो आप इस क्षेत्र में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

मेरी इस बात को गांठ बांध लीजिएगा कि यदि आप यह समझने में फेल हो जाते हैं कि शेयर मार्केट का गणित कैसे काम करता है; तो आप शेयर मार्केट में भी फेल हो जाएंगे और आपको हर कदम पर सिर्फ और सिर्फ हार और नुकसान का मुंह देखना होगा;

यदि आप यहां पर बताए जा रहे; शेयर मार्केट के असली गणित के सूत्र को अपना लेते हैं; तो आप शेयर मार्केट में होने वाले नुकसान से बच जाएंगे और आप इस क्षेत्र में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करेंगे.

मैं यहां पर शेयर मार्केट के गणित के उन्हीं पहलुओं पर चर्चा करूंगा; जिनकी आपको सबसे ज्यादा जरूरत है; बाकी शेयर मार्केट टेक्निकल एनालिसिस, फंडामेंटल एनालिसिस, रिटर्न ऑन इक्विटी, इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें, कंपाउंडिंग ग्रुप क्या होता है, स्मॉल कैप, मिड कैप और लार्ज कैप कंपनियां क्या होती है, निफ्टी फिफ्टी और सेंसेक्स;

इनके बारे में जानने के लिए आप यूट्यूब पर वीडियो देखें; क्योंकि वहां पर आपको विस्तार में जानकारियां मिल जाएंगी;

जबकि शेयर मार्केट में जीत दिलाने वाली असली गणित की चर्चा हम कर लेते हैं; नीचे दिए जा रहे हर एक बात पर गौर करिए; क्योंकि शेयर मार्केट की बाकी जानकारियों के साथ ये बातें आपको शेयर मार्केट में असफल होने से बचाएंगे.

शेयर मार्केट के गणित को अच्छे से समझें और लाभ कमाएं

शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने से पहले इसके बारे में अच्छी तरह से अध्ययन करें; और इसके हर पहलू पर गहराई से विचार करें; यही नहीं; जो शेर आप खरीद रहे हैं; उसके बारे में अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें और इसके साथ ही अपने इन्वेस्टमेंट के लक्ष्य को साफ सुथरा रखें.

यह बात हमेशा याद रखिएगा कि जब भी आप इन्वेस्टमेंट करें; अलग-अलग अच्छी कंपनियों में करें; क्योंकि एक ही कंपनी के ढेर सारे शेयरों को खरीद लेना नुकसान को जानबूझकर न्योता देने के बराबर है; इसलिए अलग-अलग कंपनियों और क्षेत्रों में इन्वेस्टमेंट करना नुकसान से बचने में मदद करता है.

याद रखिएगा शेयर मार्केट में राजनीतिक और अर्थव्यवस्था में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर होता है; इसके अलावा रिसर्च रिपोर्ट, गृह अर्थशास्त्री अध्ययन और बाकी तकनीकी तत्वों द्वारा शेयरों के मूल्य में बदलाव हो सकते हैं.

कहीं आप भी शेयर मार्केट को फटाफट अमीर बनने के विकल्प के रूप में देख तो नहीं रहे हैं ? यदि हां; तो आपको शेयर मार्केट में सबसे ज्यादा जोखिम उठाना पड़ेगा;

वहीं दूसरी तरफ अगर आप में धैर्य है और आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं; तो आपके लिए शेयर बाजार में कम जोखिम है.

एक समझदार निवेशक शेयर मार्केट में आने वाले जोखिम को लेकर जागरूक रहता है; और उससे निबटने के लिए हर संभव तैयार रहता है; जैसा कि पीटर लिंच कहते हैं “मंदी आती है और शेयर बाजार गिरते हैं;

जब तक आप इस बात को नहीं समझ लेंगे तब तक आप शेयर बाजार में निवेश करने के लिए तैयार नहीं है” और अगर जोर जबरदस्ती निवेश कर देते हैं; तो आपको असफल होने से कोई बचा नहीं पाएगा; इसलिए मेरी मानिए यहां पर दी जा रही बातों को दिमाग में उतार लीजिए –

पहली बात – आप हमेशा अपने लक्ष्य स्पष्ट रखें कि आप शेयर बाजार से क्या चाहते हैं; दूसरी बात – 6 महीने का घर-खर्च बचत खाते में सुरक्षित रखें; शेयर बाजार में सिर्फ वही पूंजी निवेश करें जिसकी आपको वर्तमान में जरूरत नहीं है;

तीसरी बात – आपातकालीन रिजर्व फंड अलग रखें; यह पैसा शेयर बाजार के गिरने की दशा में शेयर खरीदने में काम आएगा;

सबसे जरूरी बात – अपनी भावनाओं पर काबू रखें; क्योंकि शेयर बाजार में भावनाएं ही इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी होती है; खासतौर पर लालच और नुकसान न उठा पाने की भावनाएं;

आप हर महीने निवेश करें; अफवाहों या टिप्स के चक्कर में न फंसे और सिर्फ अच्छी कंपनियों में ही शेयर खरीदे.

शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले आपको इस बाजार से जुड़े उन फार्मूला को सीखना होगा; जो आपको शेयर मार्केट की उचित मूल्य निर्धारित करने और इन्वेस्टमेंट करने के फैसलों को लेने में मदद करते हैं;

यहां शेयर मार्केट में काम आने वाले कुछ फार्मूले दिए जा रहे हैं; इन्हें आप ध्यान से समझे ताकि आप शेयर मार्केट में होने वाले नुकसान से बच सकें.

शेयर मार्केट से जुड़े फार्मूले जो आपके काम आएंगे

Price to Earning (P/E) Ratio : इस फार्मूला की मदद से आप बहुत ही आसानी से यह पता कर सकते हैं कि शेयर मूल्य के साथ कंपनी के पिछले 1 साल का Profit ratio क्या है; जिस कंपनी का P/E ratio अधिक होगा; उसका कंपनी का शेयर उतना ही महंगा होगा;

और इस तरह के शेयर को खरीदने से आपको अच्छा लाभ नहीं होगा; यदि आप शेयर मार्केट में लाभ कमाना चाहते हैं; तो आपको ऐसे कंपनी के शेयर खरीदने होंगे; जिनका P/E ratio बहुत कम है; क्योंकि इस तरह के शेयर को खरीदने पर मुनाफे की गुंजाइश अधिक होती है.

Price to Book (P/B) Ratio : इस फार्मूला के जरिए आप यह पता कर सकते हैं कि शेयर का प्राइस उस कंपनी की वित्तीय स्थिति के अनुरूप है या नहीं; Price to Book ratio निकालने के लिए कंपनी के कुल शेयर के मार्केट प्राइस को उसकी Book value से डिवाइड करना होता है;

यदि P/B ratio एक से अधिक है; तो इसका मतलब यह है कि जिस कंपनी का आप शेयर खरीद रहे हैं; वह कंपनी ओवरवैल्यूड है; और अगर यह ratio एक से कम हो जाता है; तो वह कंपनी अंडरवैल्यूड है.

Debt to Equity Ratio : इस फार्मूला की मदद से आप कंपनी के फाइनेंसियल कंडीशन का पता लगा सकते हैं; यदि किसी कंपनी का Debt to Equity ratio कम है; तो इस कंपनी में निवेश का अच्छा विकल्प बनता है.

Return on Equity (ROE) : इस फार्मूला की मदद से आप यह पता कर सकते हैं कि कंपनी का वित्तीय लाभ और उसके पिछले संपत्ति का अनुपात क्या है; याद रखिएगा; यदि किसी कंपनी का ROE अधिक है; तो उस कंपनी में निवेश करना लाभदायक होता है.

Market Capitalization : इस फार्मूला के जरिए आप यह पता कर सकते हैं कि बाजार में कंपनी की क्या स्थिति है.

  1. किसी कंपनी का शेयर प्राइस कैसे बढ़ता है?

    जब किसी कंपनी की स्टॉक की मांग ज्यादा होती है लेकिन उसकी आपूर्ति कम हो तो इससे उस कंपनी के शेयरों की कीमत बढ़ जाती है.

  2. शेयर मार्केट के बारे में कैसे सीखें?

    शेयर मार्केट के बारे में सीखने के लिए आपको शेयर मार्केट के छोटे से बड़े बातों पर ध्यान दें; फंडामेंटल एनालिसिस क्या होता है; इस पर ध्यान दें; टेक्निकल एनालिसिस क्या होता है, इसे सीखें; शेयर बाजार से जुड़ी किताबें पढ़ते.

  3. भारत में कुल कितने शेयर बाजार हैं?

    भारत में SEBI से प्रमाणित 23 स्टॉक एक्सचेंज है; इनमें से दो राष्ट्रीय स्तर के स्टॉक एक्सचेंज है; पहला BSE और दूसरा NSE है.

  4. टाटा कंपनी का सबसे सस्ता शेयर कौन सा है?

    टाटा कंपनी का सबसे सस्ता शेयर Tayo Rolls का शेयर है; जो ₹100 के नीचे मिल जाएगा.

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